कंप्यूटर एक ऐसा गैजेट है जिसकी जरुरत आज हर स्तर पर है चाहे वह हॉस्पिटल हो या एजुकेशन या फिर बिज़नेस सभी स्तर या फील्ड में कंप्यूटर की आवश्यकता है| क्योकि कंप्यूटर के द्वारा आप सभी स्तर के कार्यो को आसानी से कर सकते है| कंप्यूटर के शुरुआती दौर में पहले मैन्युअली काम ज्यादा करना पड़ता था लेकिन आज कंप्यूटर इतना ज्यादा विकसित या एडवांस हो गया है की आज मैन्युअली काम बहुत कम हो गया है क्योकि अब सारा काम आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence)के द्वारा किया जाता है| जिससे कंप्यूटर की कार्य समता और ज्यादा अधिक हो गयी है|

कंप्यूटर एक ऐसा गैजेट या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिस के बारे में जितना ज्यादा जानो उतना काम है क्योकि समय के साथ साथ कंप्यूटर बहुत ही ज्यादा एडवांस होते जा रहा है| इस पोस्ट या आर्टिकल में आपको कंप्यूटर क्या है?( what is computer in hindi), कंप्यूटर के प्रकार क्या है? (types of computer in hindi), कंप्यूटर का इतिहास (history of computer in hindi), कंप्यूटर की कार्यप्रणाली (working of computer in hindi), कंप्यूटर में हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर (hardware and software in computer) आदि की जानकारी हिंदी भाषा में दी गयी है|

कंप्यूटर क्या है? what is computer in hindi ?

computer kya hai

computer kya hai

computer शब्द लेटिन भाषा के “computare” शब्द से लिया गया है जिसका हिंदी में अर्थ गणना करना (calculator) होता है| अर्थात कंप्यूटर एक गणना यन्त्र है| दूसरे शब्दो में कहा जाये तो – कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसका मुख्य कार्य calculation को जल्दी से करना है|  कंप्यूटर में पहले से ही predefined calculation programme डाले होते है जिनकी सहायता से हम बड़ी से बड़ी कैलकुलेशन को पल भर में ही कर लेते है| समय के साथ साथ कंप्यूटर में एडवांस कैलकुलेशन प्रोग्रामिंग को डाला गया है जिसकी मदत से हम विभिन्न प्रकार की कैलकुलेशन को भी कर सकते है और साथ ही अपना खुद का custome calculation function बना सकते है| जिसकी मदत से हम कैलकुलेशन को अपने तरीको द्वारा पूरा कर सके|

कंप्यूटर के प्रकार ? types of computer ?

कंप्यूटर को उसकी समता व कार्य क्षेत्र के अनुसार वर्गीकृत किया गया है| आपने कंप्यूटर के प्रकारो में लैपटॉप, डेस्कटॉप व टेबलेट आदि नाम सुने होंगे लेकिन कंप्यूटर की कार्य क्षेत्र व समता के आधार पर ये सभी एक ही प्रकार में आते है | कंप्यूटर को मुख्य रूप से 4 भागो में वर्गीकृत किया हुआ है|

Types of Computer – 

  1. Super Computer
  2. Mainfram Computer
  3. Mini Computer
  4. Micro Computer

1)Super Computer :- सुपर कंप्यूटर दुनिया के सबसे तेज कंप्यूटर होते है| जिनकी कार्य करने की समता सामान्य कम्यूटर की तुलना में कई गुना ज्यादा होती है| इन सुपर कंप्यूटर का उपयोग उन कार्यो के लिए किया जाता है| जहा कुछ ही समय में बहुत ही बड़ी मात्रा में कैलकुलेशन करनी होती है| जैसे – रिसर्च सेंटर्स, डाटा सेंटर्स आदि स्थानों में |

2)Mainframe Computer :- मेनफ्रेम कंप्यूटर भी सामान्य कंप्यूटर की तुलना में बहुत तेज होते है| लेकिन ये सुपर कंप्यूटर की तरह Powerfull नहीं होते है| अतः इनका उपयोग सरकारी संस्थानों आदि जगहों में किया  जाता है जहा से वह अपनी पूरी आर्गेनाइजेशन को संभल सके व साथ ही उन सभी के डाटा को एक जगह सुरक्षित भी रख सके|

3)Mini Computer :- मिनी कंप्यूटर को midrange computer भी कहते है क्योकि इनकी कीमत सुपर कंप्यूटर व मेनफ्रेम कंप्यूटर की तुलना में बहुत ही कम होती है| इनका उपयोग छोटी कम्पनीओ (small busniesses) में किया जाता है| मिनी कंप्यूटर को किस भी सिंगल यूजर की आवश्यकता के अनुसार डिज़ाइन नहीं किया जाता है| इसे कंपनी के किसी specific कार्य के अनुसार डिज़ाइन किया जाता है| जैसे :- किसी कंपनी के किसी प्रोडक्ट में barcode लगाने या चेक करने में व आदि कार्यो के लिए|

4)Micro Computer :- माइक्रो कंप्यूटर के अंतर्गत डेस्कटॉप, लैपटॉप, टेबलेट, स्मार्टफोन व आदि चीज़े (desktop computer, laptop, tablet, smartphone and etc…) आती है| जिनका उपयोग एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, व छोटे कार्यो के लिए किया जाता है| माइक्रो कंप्यूटर अन्य कंप्यूटरस की तुलना में बहुत ही सस्ते होते है जिन्हे सामान्य कार्यो के लिए डिज़ाइन किया होता है|

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कंप्यूटर का इतिहास ? History of Computer in Hindi

कंप्यूटर का इतिहास बड़ा ही रोचक है कंप्यूटर की रचना से लेकर इसमे आये हुए बदलाव में बहुत से विशेषज्ञो ने अपना विषेस योगदान दिया है| जिससे कंप्यूटर की विषताये बढ़ती जा रही है| लेकिन इन सभी में चार्ल्स बेबेज (Charles Babage) का योगदान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है| इसी कारण चार्ल्स बेबेज (Charles Babage) को आधुनिक कंप्यूटर का पिता (father of modern computer या father of computer) भी कहा जाता है|

कंप्यूटर के इतिहास (history of computer) को कंप्यूटर की बदलती हुइ जनरेशन के अनुसार बताया गया है कंप्यूटर के इतिहास में कंप्यूटर में बहुत से बदलाव आये है इन सभी को जनरेशन के आधार पर वर्गीकृत किया गया है| कंप्यूटर की जनरेशन कंप्यूटर में आये हुए बदलाव के कारण बढ़ती रहती है| अभी मुख्यतः 5 जनरेशन उपलब्ध है :-

Fifth Generation’s of computer :-

  • First Generation
  • Second Generation
  • Third Generation
  • Fourth Generation
  • Fifth Generation

1)First Generation computer :- first generation के कंप्यूटर में वैक्यूम ट्यूब का उपयोग किया जाता था साथ ही इन कंप्यूटर का साइज बहुत ही ज्यादा बड़ा होता था| इन जनरेशन के कंप्यूटर में ऊर्जा की खपत बहुत ज्यादा होती थी| इन कंप्यूटर को चलाने के लिए Machine Language का उपयोग होता था|

2)Second Generation computer :- second generation के कंप्यूटर में Transistors का उपयोग किया जाता था साथ ही इन कंप्यूटर का साइज पहली जनरेशन के कंप्यूटर से छोटा होता था| और साथ ही यह पहले जनरेशन के कंप्यूटर से ज्यादा तेज होते थे| इन जनरेशन के कंप्यूटर में high level programming language का उपयोग होता था|

3)Third Generation computer :- third generation के कंप्यूटर में integrated circuit का किया जाता था| transistors छोटा कर सिलिकॉन की चिप में लगाया गया (जिसे semiconductor भी कहते है ) इससे कंप्यूटर की स्पीड में तेजी आयी| third generation में कामो को कीबोर्ड व माउस की मदत से किया जाने लगा था |

4)Fourth Generation computer :- fourth generation के कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग होने लगा था| जिससे कंप्यूटर में कैलकुलेशन करने की स्पीड अन्य जनरेशन से बहुत ज्यादा थी|

5)Fifth Generation computer :- fifth generation यानि की आज की जनरेशन के कम्प्यूटर्स को कहते है इन कम्प्यूटर्स में एडवांस लेवल के माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया जाता है जिससे इनकी गढ़ना करने की समता बहुत ही अधिक हो जाती है| fifth generations के कंप्यूटर में artificial intelligence , Voice Recognization आदि विशेषताए होती है|

कंप्यूटर की कार्यप्रणाली ? working of computers

कंप्यूटर की कार्य करने की प्रणाली को मुख्य रूप से तीन भागो में विभाजित किया गया है| इन तीनो भागो के द्वारा ही कंप्यूटर अपने कार्य को पूर्ण रूप से पूरा करता है| ये तीनो भाग निम्नवत है :-

  • input
  • processing
  • output

1)Input :– कंप्यूटर में किसी भी सूचना को इनपुट डिवाइस की सहायता से डालना ही इनपुट कहलाता है| जैसे किसी मैसेज को टाइप करना या माउस से क्लिक बटन को दबाना, आदि |

2)Processing :- इनपुट द्वारा दिए हुए डाटा को आउटपुट के लिए तैयार करने की प्रोसेस को प्रोसेसिंग कहते है|

3)Output :- इनपुट किये हुए डाटा का प्रोसेसिंग कर रिजल्ट आना एक आउटपुट है| आउटपुट डाटा visual, sound या फिर hard copy (फोटो स्टेट) कुछ भी हो सकती है| जिसे आप मॉनिटर या प्रिंटर के माध्यम से देख सकते है|

कंप्यूटर में हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर क्या है ? hardware and software in computer 

computer एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिस कारण इसमे हार्डवेयर का इस्तेमाल होता है| साथ ही कंप्यूटर को यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए इसमे यूजर इंटरफ़ेस दिया गया है जिसके द्वारा यूजर बिना किसी प्रोग्रामिंग नॉलेज के इसी चला सके| इसके लिए कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है|  अब आप सभी ये तो जान गए की हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कंप्यूटर में क्यों किया है| अब  बात आती है की हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर किसे कहते है ? (what is hardware and software in computer)

हार्डवेयर (computer hardware) :- हार्डवेयर कंप्यूटर के वह पार्ट होते है जिसे आप छू सकते है व इनका आकार भी होता है|

सॉफ्टवेयर (computer software) :-  सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह पार्ट होते है जिन्हे आप छू नहीं सकते और न ही इनका कोई physical आकार होता है| ये केवल set of instructions होते है जिनका कार्य कंप्यूटर में किसी विशेष ऑपरेशन को पूरा करना होता है|

ऊपर दी गयी जानकारी द्वारा आप कंप्यूटर के बारे में अच्छे तरह से जान गए होगे| यदि इसके बाद भी आपकी कोई query या प्रश्न हो तो आप हमे कमेंट या ईमेल द्वारा पूछ सकते है| यदि आपको यह पोस्ट या आर्टिकल पसंद आया हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे साथ ही कमेंट कर हमे बताये|

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